

कटनी
श्रावण मास के पावन अवसर पर रविवार को कटनी की धरती शिवभक्ति से सराबोर नजर आई। चारों ओर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष, हाथों में कांवड़, मुख पर भोलेनाथ का नाम और हृदय में अटूट आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
बाबू मदनलाल ग्रोवर की अगुवाई में नीलकंठेश्वर धाम सलैया पंडखुरी के तत्वावधान में विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में शिवभक्तों ने कांवड़ लेकर सहभागिता की और पवित्र जल लेकर नीलकंठेश्वर धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक किया।
हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा यात्रा मार्ग
कांवड़ यात्रा का शुभारंभ पन्ना मोड़ सब्जी मंडी स्थित पुरैनी बागेश्वर धाम से हुआ। यहां शिवभक्तों ने पवित्र जल लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की। यात्रा कन्हवारा, डीठवारा सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए नीलकंठेश्वर धाम सलैया पंडखुरी, विजयराघवगढ़ पहुंची।
पूरे यात्रा मार्ग पर हर-हर महादेव, बोल बम और भगवान शिव के जयघोष गूंजते रहे। धार्मिक भजनों और शिव आराधना से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। जगह-जगह श्रद्धालुओं के स्वागत और सेवा की व्यवस्था भी की गई।

जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, शिवभक्तों का कारवां भी बढ़ता गया। कांवड़ लेकर चल रहे श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था ने पूरे आयोजन को एक भव्य धार्मिक उत्सव का स्वरूप दे दिया।
सिर्फ कांवड़ यात्रा नहीं, पांच साल के संकल्प की दूसरी कड़ी

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि यह महज एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि पांच वर्षीय धार्मिक संकल्प का दूसरा चरण है।

कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधार बाबू मदनलाल ग्रोवर ने बताया कि वर्ष 2025 में पुरैनी बागेश्वर धाम से नीलकंठेश्वर धाम तक पवित्र जल पहुंचाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करने का संकल्प लिया गया था। इस संकल्प के तहत लगातार पांच वर्षों तक श्रावण मास में कांवड़ यात्रा निकालकर नीलकंठेश्वर धाम में पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष कांवड़ यात्रा का दूसरा चरण आयोजित किया गया।
बाबू मदनलाल ग्रोवर ने कहा कि श्रावण मास भगवान शिव की आराधना, आस्था और समर्पण का पर्व है। कांवड़ यात्रा श्रद्धा और भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उनका प्रयास है कि आने वाले वर्षों में भी यह धार्मिक परंपरा निरंतर जारी रहे और अधिक से अधिक शिवभक्त इस संकल्प से जुड़ें।
जलाभिषेक के साथ संपन्न हुई यात्रा
पुरैनी बागेश्वर धाम से शुरू हुआ आस्था का यह कारवां विभिन्न मार्गों से होकर नीलकंठेश्वर धाम पहुंचा। यहां शिवभक्तों ने श्रद्धापूर्वक पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
पूरे आयोजन के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे। श्रद्धालुओं की आस्था, उत्साह और भक्ति ने श्रावण मास के इस आयोजन को यादगार बना दिया।
कटनी ब्यूरो चीफ सुरेन्द्र कुमार शर्मा
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